एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।

संरक्षा समीक्षा एवं आकलन

संरक्षा समीक्षा एवं आकलन, नियामक निगरानी के लिये सबसे महत्‍वपूर्ण चरणों में से एक है। संरक्षा आकलन व निगरानी, सुविधाओं व गतिविधियों के पूरे जीवनकाल में जारी रहती है। यह प्रक्रिया निरंतर संरक्षा को सुनिश्चित करती है।

संरक्षा समीक्षा, नियमों के प्रावधानों, संरक्षा आवश्‍यकताओं, लायसेंस की शर्तों तथा एईआरबी की अन्‍य आवश्‍यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करती है। इस प्रक्रिया में एईआरबी अधिकारियों द्वारा समीक्षा तथा बहुस्‍तरीय संरक्षा समितियों द्वारा समीक्षा शामिल है, जिसमें परमाणु ऊर्जा विभाग तथा बाहर के संस्‍थानों के विषय विशेषज्ञ भाग लेते हैं।

संरक्षा समीक्षा व आकलन के परिणाम निम्‍नलिखित हो सकते हैं – किसी सुविधा या गतिविधि के लिये लायसेंस जारी करना, लायसेंस को रद्द करना या निलंबित करना, संरक्षा उन्‍नयन के लिये संस्‍तुति, केंद्रित/आकस्मिक निरीक्षणों के क्षेत्रों की पहचान, ऐसी अच्‍छी प्रथाओं को प्रोत्‍साहन देना जिन्‍हें अन्‍य सुविधाओं द्वारा अपनाया जा सकता है तथा संरक्षा का उच्‍च स्‍तर प्राप्‍त करने के लिये सुविधाओं व प्रयोक्‍ताओं की सहायता करना।

परियोजनाओं/संयंत्रों/सुविधाओं के कार्मिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अर्हताओं तथा लायसेंसीकरण नीतियों की समीक्षा भी संरक्षा समीक्षा का अंग हो सकती है।

विजिटर काउण्ट: 1368036

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कार्यालय का पता

परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद, नियामक भवन अणुशक्तिनगर,, मुंबई 400094, भारत,

कार्य का समय
9:15 से 17:45 – सोमवार से शुक्रवार

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