एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।

एईआरबी में कैरियर

एईआरबी नए रंगरूटों के लिए आयोजित किए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पूर्व अथवा पश्चात विभिन्न ग्रेडों (वैज्ञानिक सहायक/तकनीकी अधिकारी/वैज्ञानिक अधिकारी) में नए वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों की नियुक्ति करता है अथवा आईआईटी विद्यालयों में किसी प्रायोजित डिग्री (एईआरबी द्वारा प्रायोजित स्नातक अध्येतावृत्ति योजना के तहत) के सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्त करता है। एईआरबी में विभिन्न संकायों में नियुक्ति की जाती है, इन संकायों में शामिल हैं भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, मैकिनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, विद्युत इंजीनियरिंग, नियंत्रण एवं उपकरणन इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, विकिरण संरक्षा, विकिरण भौतिकी, स्वास्थ्य भौतिकी आदि । इन डिग्रियों में शामिल हैं बी.एससी., एम.एससी., बी.ई., बी.टेक., एम.ई., एम.टेक., पीएच.डी., आदि। साथ ही इसमें डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग, विकिरण भौतिकी तथा स्वस्थ्य भौतिकी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश स्तर पर नियुक्त किया जाता है । प्रवेश स्तर पर की जाने वाली नियुक्तियों के अतिरिक्त नाभिकीय, गैर-नाभिकीय उद्योगों तथा अनुसंधान संगठनों के लिए अनुभवी वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों की नियुक्ति की जाती है। डॉक्टरेट करने वाले नए अभ्यर्थियों को प्रवेश स्तर से एक स्तर ऊपर नियुक्त किया जाता है।

प्रवेश स्तर की सभी भर्तियों के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण हेतु एक विशेष ओरिएण्टेशन कोर्स आयोजित किया जाता है तथा उन्हें नियामक गतिविधियों से परिचित कराया जाता है। साथ ही एईआरबी में कार्यरत वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों के लिए उनके कार्य क्षेत्र से संबंधित विशिष्ट क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए बहुत से अन्य विशेषज्ञता पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

नियामक निरीक्षण में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए गैर अनुभवी नियामकों को नियामक निरीक्षण दल में प्रमाणित निरीक्षक के रूप में शामिल करने से पूर्व प्रेक्षक के रूप में शामिल होने की अनुमति प्रदान की जाती है। जब उन्हे नियामक निरीक्षणों का पर्याप्त अनुभव हो जाता है तब उन्हें प्रमाणित निरीक्षक बनने की अनुमति प्रदान की जाती है और जब उन्हें और अधिक अनुभव हो जाता है तो उनमें से कुछ निरीक्षकों को प्रमुख निरीक्षक के रूप में टीम का नेतृत्व करने की अनुमति दी जाती है।

यदि युवा वैज्ञानिक तथा इंजीनियर अपनी योग्यता बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति दी जाती है । इस प्रकार कोई व्यक्ति जो इस संस्था में एक स्नातक के रूप में प्रवेश करता है वो एक डॉक्टरेट तक की उपाधि प्राप्त करके सेवा निवृत्त हो सकता है । पदोन्नति व्यक्ति के कार्य निष्पादन क्षमता पर आधारित होती है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को निश्चित समय पर पदोन्नति दी जाती है।

विजिटर काउण्ट: 1249249

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कार्यालय का पता

परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद, नियामक भवन अणुशक्तिनगर,, मुंबई 400094, भारत,

कार्य का समय
9:15 से 17:45 – सोमवार से शुक्रवार

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