एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।

अनुसंधान के क्षेत्र

एसआरआई के तहत अनुसंधान के क्षेत्र विशेष रूप से इस प्रकार चुने जाते हैं कि वे परमाणु ऊर्जा विभाग की अन्य इकाइयों में जारी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के पूरक की भूमिका निभा सकें। आईजीसीएआर परिसर में स्थित इस संस्थान में अति आधुनिकतम प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय का प्रयोग करने की सुविधा भी है साथ ही यहाँ कार्य कर रहे वैज्ञानिक एवं इंजिनियरों की विशेषज्ञता से विचार विमर्श करने का अवसर भी मिलता रहता है ।

अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्र

नाभिकीय एवं रिएक्टर संरक्षा अध्ययन
  • रिएक्टर भौतिकी के अध्ययन
  • भूकंपीय अध्ययन
  • घटक विफलता दर में डेटाबेस निर्माण
  • परिणाम के विश्लेषण और वायुमंडलीय फैलाव मॉडलिंग
  • परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता विश्लेषण
  • निष्क्रिय सिस्टम विश्वसनीयता, सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता और मानव विश्वसनीयता के लिए पद्धति का विकास
विकिरण संरक्षा अध्ययन
अभियांत्रिकी संरक्षा अध्ययन
पर्यावरण संरक्षा अध्ययन
अपशिष्ट प्रबंधन एवं रेडियोन्यूक्लियॉइड परिवहन संरक्षा अध्ययन

विजिटर काउण्ट: 1249242

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अक्सर देखे गए

कार्यालय का पता

परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद, नियामक भवन अणुशक्तिनगर,, मुंबई 400094, भारत,

कार्य का समय
9:15 से 17:45 – सोमवार से शुक्रवार

वर्ष के सार्वजनिक अवकाशों की सूची